अगर शनि देव रूठे है तो इस तरीके से करे पूजा बरसेंगी शनि की किरपा

अगर हम शास्त्रों की माने तो ग्रहो की चाल हमारे जीवन पर बहुत प्रभाव डालती है और इन सब में सबसे ज्यादा प्रभाव डालने वाला गृह है शनि ,जी हा शनि देव को ग्रहो का प्रधान कहा जाता है .और अगर ये किसी की कुंडली या जीवन में टेढ़ा हो जाये या वक्री हो जाये तो उसका जीवन कष्टमय हो जाता है ,पर दूसरी तरफ अगर शनि किसी पर मेहरबान हो जाये तो ये उसके जीवन को सुखी भी बना देता है .हमको शनि देव की सही पूजा करने का तरीका ही नहीं आता अगर हम शनि देव की सही तरीके से पूजा करे तो शनि देव की किरपा हमारे ऊपर बरसेंगी और जीवन सुखमय हो जायेंगा .तो चलिए जानते है शनि देव की पूजा करने का सही तरीका .

शनि देव सूर्य के पुत्र है और इनको न्याय का देवता भी माना जाता है क्योकि ये सब प्राणियों को उनके कर्मो के अनुसार ही फल देता है .अगर शाश्त्रो की बात माने तो शनि देव का व्रत करने से शनि देव खुश होते है ,पर अगर ये व्रत श्रावण मॉस में शुरू किये जाए तो बहुत ही अच्छा है .अगर हम व्रत 7,19 25 ,31 तारीख को शुरू करे तो ज्यादा फल मिलता है .

पर अगर आप शनि देव के व्रत कर रहे है तो आप शुबह चार बजे उठ जाये और किसी नदी या तलाब में स्नान करे और उसके बाद पीपल के पेड़ को पानी जरूर दे .शनिवार के दिन अगर आप शनि देव की लोहे से बनी मूर्ति ले और उसको पंचामृत से स्नान करवाए और चावलों से बने हुए 24 दल के कमल में विराजमान करवाए .

शनिवार का व्रत करने वाले जातक को काले वस्त्र डालने चाइये और मंदिर में जा कर नीले रंग के फूल अर्पित करने चाइये .शनिवार वाले दिन आपको सूरज ढलने के बाद ही खाना ग्रहण करना चाइये और वो भी उड़द से बनी हुई चीज़े सेवन करनी चाइये .अगर आप इस तरीके से शनिदेव की पूजा करेंगे तो आपको बहुत ही ज्यादा फल प्राप्त होगा .

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