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अतरंगी रे फिल्म की समीक्षा, स्क्रिप्ट विश्लेषण, जटिल प्रेम त्रिकोण

आनंद ल्य राइ द्वारा दर्शाया गया और हिमांशु शर्मा द्वारा दी गयी कहानी पर फ्लिम जिसका नाम “अतरंगी रे” बहुत ही नए तरीके से दिखाया गया और अपरंपरागत है। इस फिल्म में लेखक ने कही प्रभावशाली और हास्य प्रदर्शित दृश्य जोड़े है। जिस तरह हिमांशु शर्मा से हमेशा उम्मीद की जाती हैं उसी तरह इस फिल्म में भी उन्होंने अच्छे आंख पा लिया है। इस फ्लिम में बहुत ही मज़ाकिया किरदार बताये गए हैं जो प्रेक्षकों को पसंद आएग।

अतरंगी रे फिल्म की रिव्यु या समीक्षा

अतरंगी रे एक उम्दा एक्टिंग से सजी हुई अनूठी कहानी है। यह कहानी दो लड़के और एक लड़की क बारे में दिखाया गया हैं जिसमे उस लड़की को दो लड़को से प्यार हो जाता है। इस सिनेमा में रिंकू सूर्यवंशी (सारा अली खान) बिहार के सिवान में अपने परिवार के साथ रहती है। रिंकू तब छोटी थी तभी उनके माता पिता की हत्या होगयी थी और रिंकू को रहस्य्मय व्यक्ति जिसका नाम रिंकू सज्जाद (अक्षय कुमार) से प्यार हो जाता हैं। और ये दोनों कई बार भाग जाते है। रिंकू की नानी (सिमा बिस्वास) रिंकू के असफल भागने क बाद, रिंकू की शादी एक ऐसे व्यक्ति से करना चाहती हैं जो बिहार से बहार का व्यक्ति हो।

atrangi re flim review

इसी दौरान रिंकू के घरवाले विशु (धनुष) जो एक मेडिकल छात्र ही और कैंप के सिलसिले में उस गांव मैं आया हुआ था। विशु की
शादी उनकी प्रेमिक्स मैंडी ( डिंपल हयाती) से पहले ही तय हो चूका होता है। विशु की सगाई को कुछ ही दिन बाकी रह जाते हैं और इतने में रिंकू के घर वाले विशु का अपहरण कर लेते है।

फिल्म के बारे में

रिंकू विशु को यह बताती हैं की वह सज्जाद नाम के लड़के से मोहब्बत करती हैं और दिल्ली पहुँचने के बाद वह सज्जाद के पास चली जाएगी। यह बात सुनकर विशु को रहत मिलती हैं की लड़की के लिए भी यह एक जबरदस्ती की शादी है। दिल्ली पहुँचने क बाद रिंकू विशु को यह बताती है की सज्जाद जादू का अध्ययन सिखने क लिए अफ्रीका गया हैं और वह 10 दिन में वापस आजायेग।

विशु सज्जाद के लौटने तक रिंकू को अपने छात्रावास में रुकने की इज़ाज़त देता हैं क्यूंकि उसे मधुरई जाना था। रिंकू को विशु
की सगाई में जाना पड़ता हैं। रिंकू विशु के साथ उसकी और मैंडी की सगाई में जाती है। जब तक यह बात मैंडी को पता नहीं थी की
रिंकू की शादी विशु से हो गयी है। तब तक सब ठीक चल रहा होता हैं, जब उसे पता चलता हैं ये दोनों की शादी हुई हैं वह चौक
जाती है। अब इसके बाद क्या होगा यह तो पूरी फिल्म देखने पर ही पता चल सकता है।

आनंद ल्य रे की यही विशेषता है की वह दर्शको का ध्यान आकर्षित करने में कामियाब होते है। निर्देशक इस फिल्म को बहुत अच्छे तरीके से सँभालते हैं और मानसिक स्वास्त्य को नज़र रकते हुए बताया गया है। इंटरवल के बाद भी यह फिल्म बहुत ही दिलचस्प बताया गया है। माना जा रहा हैं की जनता इस फिल्म के अंत से खुश नहीं है। पर यह तो देखने के बाद ही पता चलेग।

आप भी इस फिल्म को जरुरु देखिये और जानिए यह कैसा बना है।

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