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इत्र कारोबारी पियूष जैन के घर से इतने पैसे बरबाद की आखे खुली रह जाएगी

पियूष जैन नाम के यूपी के रहनेवाले कन्नौज के इत्र कारोबारी ह। इन्हे यूपी के पुलिस वालो ने टैक्स चोरी की आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार करने से पहले अहमदाबाद से आयी गयी ITSC इंटेलिजेंस टीम ने उनसे ५० घंटे की पूछताछ की। इतना बड़ा समय लेकर पूछताछ करने के बाद ही टीम ने उन्हें गिरफ्तार किया। सूत्रों के मुताबिक पियूष को आगे की पूछताछ और करवाई करने के लिए कानपूर से अहमदाबाद लेजाया जायेगा।

सूत्रों के मुताबिक सी जी एस टी एक्ट की धरा – ६९ के तहत पियूष जैन को गिरफ्तार किया गया हैं. गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स के अधिकारों ने सुचना देते हुए यह जानकारी दी है की जब पियूष जैन के घर के अंदर छापामारी की करवाई शुरू की गयी थो वह इन लोगो को एक बड़ा तयखाना दिखा जिसेक साथ इनके हाथ लगे थे १६ बेशकीमती जायदाद के कागज़ात मिले। ऑफिसर्स के मुताबिक मुंबई में २, कानपूर में ४, कन्नौज में ७, दुबई में २, दिल्ली में १ प्रॉपर्टी पेपर्स मिले है। इसके अलावा जब आयकर विभाग वालो को पियूष के कन्नौज के आवास पर ५०० चाबिया और १८ लाकर बरामद हुए है। अभी जीएसटी द्वारा अधिकतर जानकारी बहार आनी बाकी है।

piyush jain

इत्र कारोबारी पियूष जैन गिरफ्तार , छापामारी में अब तक २५७ करोड़ रूपए बरामद

पियूष के कानपूर वाले घर पर भी गुरुवार, २३ दिसंबर के दिन छापा मारा है। जब अधिकारी कन्नोज के अधिकारी पियूष जैन के घर पहुंचे और छापामारी में उन्हें पियूष के अलमारी से बहुत सरे नोटों की गड्डिया प्राप्त हुई. पियूष के घर इतने नोट बरामद होने के बाद आयकर की टीम वालो को बहुत सारी मशीन मंगवाकर नोटों को गिनवाना पड़। सब मिलकर ८ मशीन मंगवाई गय।

आखिर ये पियूष जैन हैं कौन ? आईये जानते हैं

कन्नौज के मशहूर इत्र वाली गली में इत्र का कारोबार करने वाले है ये पियूष जै। मुंबई में भी पियूष जैन के ऑफिस है। पियूष के ऐसे कुलमिलाकर लगभग ४० से भी ज्यादा कंपनी मिली है। इनकम टैक्स ऑफिसर्स के मुताबिक पियूष इन सब के हेड हैं और ये ही ये बिज़नेस चलाते है। इसके साथ साथ यह भी जाना गया है की पियूष के गुटके के भी कारोबार ह। पियूष के ज्यादा तर ग्राहक कानपूर के पानमसाला मनुफक्चरर्स है। उनका कन्नौज छोड़ कर कानपूर आने का वजह भी एहि बिज़नेस है।

जीएसटी इंटेलिजेंस टीम तक कैसे पहुंची पियूष की न्यूज़-

सूत्रों के मुताबिक आईटी टीम को पक्का जानकारी हुई थी की बिना एवे बिल बगैर जेनरेट किये ही बिल बनता है और इसके साथ ही टैक्स की चोरी भी करता ह। टीम को खबर थी की यह सब कानपूर के एक ट्रांसपोर्ट बिजनेसमैन करता है। जब इसी बिच टीम ने एक ट्रक को पकड़ा था जिसमे सब सामने के बिल ५०००० के निचे के थ। ये बिल ऐसे इसलिए बनाये गए ताकि इसका असली बिल नहीं बनाना पड़। फिर ट्रांसपोर्टर के घर पे छापा पड़ा और यही से पियूष जैन का नाम बहार आया और इनसब में उनका कनेक्शन मिला और इसके बाद पियूष जैन के घर पार छापा पड़।

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