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बलिया गोलीकाण्ड में सामने आया नया एंगल ~ पूरी पड़ताल :

बलिया गोलीकाण्ड में सामने आया नया एंगल ~ पूरी पड़ताल :

आपको बता दें कि बीते गुरुवार 15 अक्टूबर को यूपी के बलिया के दुर्जनपुर गांव में सरकारी कोटे की दुकान के आवंटन को लेकर एक खुली बैठक बुलाई गई थी, जिसमें एसडीएम बैरिया सुरेश पाल, सीओ बैरिया चंद्रकेश सिंह और बीडीओ बैरिया गजेन्द्र प्रताप सिंह के साथ ही रेवती थाने की पुलिस फोर्स भी मौजूद थी. बैठक के दौरान ही कोटा आवंटन को लेकर विवाद शुरू हो गया, जिसमें एसडीएम और सीओ के सामने ही दिनदहाड़े पुरानी बस्ती निवासी 46 साल के जयप्रकाश पाल की ताबड़तोड़ 4 गोली मारकर हत्‍या कर दी गई. घटना से हड़कंप मचने के बाद मौके से अफसर समेत सभी लोग भाग निकले.

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इस मामले में कार्रवाई करते हुए एसडीएम सुरेश कुमार पाल और सीओ चंद्रकेश सिंह समेत वहां ड्यूटी पर मौजूद सभी पुलिसकर्मियों को तत्‍काल प्रभाव से सस्‍पेंड कर दिया गया है. मृतक के बेटे अभिषेक कुमार पाल ने बताया कि कोटा को लेकर हुए विवाद में उसके पिता पर 20 राउंड के करीब गोलियां दागी गईं, जिसमें से 2-3 गोली लगने से उनकी मौत हो गई. फिलहाल घटना में ईंट पत्थर और लाठी डंडे चलने से तीन महिलाओं सहित आधा दर्जन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिनका इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोनबरसा में कराया जा रहा है. तनाव को देखते हुए गांव में कई थानों की पुलिस तैनात कर दी गयी है और कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया गया है.

इस मामले पर आजमगढ़ रेंज के डीआईजी सुभाष चंद्र दुबे ने प्रेस वार्ता में बताया है कि मुख्य आरोपी के साथ 8 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है, जिनकी गिरफ्तारी के लिए एक दर्जन से ज्यादा टीमें गठित की गई हैं. उन्होंने कहा कि पुलिस अब तक दो दर्जन से ज्यादा जगहों पर आरोपियों की तलाश में दबिश डाल चुकी है. पुलिस ने इस केस को चुनौती के तौर पर लिया है और इस मामले में ऐसी करवाई की जाएगी कि आगे ऐसा अपराध करने से पहले कोई व्यक्ति कई बार सोचने पर मजबूर हो. उन्होंने मौके से आरोपी के भागने को पुलिस की लापरवाही करार दिया, जो अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है. डीआईजी ने कहा कि घटना के समय जो भी अधिकारी मौजूद थे, वो निश्चित रूप से लापरवाही के दोषी माने जाएंगे और उनके विरूद्ध कठोरतम अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.

डीआईजी के मुताबिक जिस हथियार की फायरिंग से शख्स की मौत हुई है वह लाइसेंसी रिवॉल्वर थी. इसकी जांच आरोपी के पकड़े जाने और पिस्टल की रिकवरी के बाद ही हो पाएगी. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी स्पष्ट हो जाएगा की गन शॉट की इंजरी किससे हुई है. डीआईजी सुभाष चंद्र दुबे ने कहा कि मृतक के भाई द्वारा बताया गया है कि पुलिस ने आरोपी को पकड़ लिया था इसके बाद भीड़ का फायदा उठाकर वह भाग गया. ये निश्चित रूप से पुलिस की लापरवाही है और इस पर सख्त एक्शन होगा.

देश के सबसे चर्चित और विवादित विधायक सुरेंद्र सिंह (बैरिया, जिला – बलिया) ने बलिया गोलीकाण्ड पर आरोपी के पक्ष में बयान में देते हुए कहा है कि यह घटना क्रिया की प्रतिक्रिया थी. अगर कोई किसी के परिवार पर हमला करेगा, तो सामने वाला क्रिया की प्रतिक्रिया देगा ही. इस गोलीकाण्ड में मारे गए जयप्रकाश पाल के भाई और परिवार वालों ने मीडिया के समक्ष बयान देते हुए कहा है कि मुख्य आरोपी धीरेंद्र प्रताप सिंह को पुलिस ने मौके पर पकड़ लिया था लेकिन पकड़ने के बाद उसे भीड़ से बाहर ले जाकर भगा दिया. मृतक के भाई का कहना है कि जब धीरेंद्र प्रताप और उसके लोग पत्थरबाजी और फायरिंग कर रहे थे तो पुलिस उनको बचाने का प्रयास कर रही थी और मृतक पक्ष के लोगों को पीटकर भगा रही थी.

पीड़ित परिवार ने बताया कि आरोपी धीरेंद्र वर्तमान बैरिया विधायक सुरेंद्र सिंह का चहेता है और उन्हीं के साथ रहता है. उन्हीं की शह पर दबंगई कर ग्रामीणों को परेशान करता रहता है. साथ ही आरोपी बीजेपी के फ्रंटल आर्गेनाईजेशन पूर्व सैनिक सेवा प्रकोष्ट से जुड़ा है. सोशल मीडिया पर भी धीरेंद्र सिंह और बैरिया विधायक सुरेंद्र सिंह की तस्वीर वायरल हो रही है, जो दोनों के बीच की नजदीकी बयां कर रही है. तस्वीर में विधायक सुरेंद्र सिंह, धीरेंद्र को मिठाई खिला रहे हैं. धीरेंद्र सिंह के फेसबुक अकाउंट के मुताबिक, वह 2011 से राजनीति से जुड़ा हुआ है और अपने को बीजेपी का कार्यकर्ता बताता है लेकिन बीजेपी के जिलाध्यक्ष जय प्रकाश शाह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि आरोपी का बीजेपी से कोई संबंध नहीं है.

इससे पहले सुरेंद्र सिंह ने हाथरस केस पर भी विवादित बयान देते हुए कहा था कि ‘फर्जी महिला उत्पीड़न और दलित उत्पीड़न के नाम पर किसी का भी जीवन संकट में पड़ सकता है, लैब रिपोर्ट से यह बात सामने आ गई है कि पीड़िता का रेप नहीं हुआ था. माता-पिता अपनी जवान बेटी को सांस्कारिक वातावरण में रहने का तरीका सिखायें, तभी रेप रुक सकता है. बता दें कि सुरेंद्र सिंह अपने विवादित बयानों के लिए मशहूर हैं. बीते साल सुरेंद्र सिंह ने कहा था कि मुस्लिम कई पत्नियां रखते हैं और उनके बच्चे जानवर प्रवृत्ति के होते हैं. इतना ही नहीं, वे डॉक्टरों को ‘राक्षस’ और पत्रकारों को ‘दलाल’ बोल चुके हैं. हिंदू धर्म बचाने के लिए विधायक जी हिंदुओं से अधिक बच्चे पैदा करने का आग्रह भी कर चुके हैं. लेकिन भाजपा लगातार उनके बयानों को नजरअंदाज करती आई है.

इस वारदात पर कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा है कि उत्तर प्रदेश में बीजेपी कार्यकर्ताओं को गुंडागर्दी का लाइसेंस है. जब शासक अपराधी हो, कानून गुंडों की दासी हो तो संविधान को रौंदना राजधर्म बन जाता है. वहीं सपा के MLC सुनील सिंह साजन ने कहा है कि उत्तर प्रदेश में सरकार अपराधी और गुंडे चला रहे हैं, बलिया की घटना ने इस बात को साबित भी कर दिया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी आपका रामराज कहां है ? मुख्यमंत्री जी आप इस्तीफा दे दीजिए और किसी अपने जानने वाले बड़े अपराधी को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बना दीजिए. सरकार तो अपराधियों के चरणों में नतमस्तक है.

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