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PM मोदी की सुरक्षा में हुई चूक का मामला सुप्रीम कोर्ट पंहुचा

पंजाब में प्रधानमंत्री मोदी की रैली में हुआ रोक इसकी वजह यही है की पंजाब की सरकार से हुआ प्रबंद का चूक और यह मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक जा पहुंचा। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस एनवी रमन्ना के आगे इस मामले को ले जाया गया है। मनिंदर सिंह जो की वरिष्ठ अधिकारी hai, उन्होंने ५ जनवरी २०२२ को पंजाब में हुए मोदी के काफिले को रोके जाने का और इस वजह से उनके वापिस लौटने के मामले की सारी जाँच करने के लिए चीफ जस्टिस को गुजारिश किया है। उन्होंने इस शिकायत में ये कहा है की जो घटना मोदी के साथ हुई वैसी ऐसी घटनाये भविष्य में किसी के साथ भी नहीं होना चाहिए, इस बात को सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

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और कोर्ट ने मनिंदर सिंह से ये कहा है की पंजाब सरकार और केंद्र से भी उन्हें इस हरकत की सारी जानकारी उपलब्ध करा दे. ७ जनवरी को कोर्ट इस विषय पर सुनवाई देगी। इसके अलावा पंजाब के DGP सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय जो की पुलिस महानिदेशक है और मुख्य सचिव अनिरुद्ध तिवारी को निलम्भित करने की मांग की है। यह कहा गया है की ये सुरक्षा चूक जानबूझ कर ही किया गया है। कांग्रेस सरकार को पंजाब में इस मामले का दोषी ठहराया जा रहा है। फ़िरोज़पुर दौरे के दौरान जो भी चूक हुआ उसके जाँच पड़ताल के लिए पंजाब सरकार ने एक कमिटी गठन किया है.

पंजाब के मुख्य सचिव और DGP को ससपेंड करने की मांग, PM मोदी के सुरक्षा मे हुई चूक मे CM चन्नी ने भी गठित की जाँच समिति

बिठाये गए इस गठन में प्रमुख सचिव अनुराग वर्मा और रिटायर्ड जज महताब सिंह गिल शामिल होंगे। पर पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी का साफ़ साफ़ कहना ये है की पीएम की सुरक्षा में कोई भी चूक नहीं हुई है, पर इसी बात पर उप-मुख्यमंत्री कह रहे है की चूक हुई है। पार सीएम चन्नी का बयान बार बार बदलते दिख रहा है। हुआ ये के बुधवार को पीएम मोदी को राष्ट्रीय शहीद स्मारक जाना था।

यहाँ जाने  के लिए ये पहले हवाई मार्ग से भटिंडा पहुंचे और वह से इन्हे हेलीकाप्टर में जाना था। ख़राब मौसम के चलते इन्हे हेलीकाप्टर छोड़ सड़क का मार्ग चुनना पड़ा। तब वो जाने के लिए निकले तो उनके काफिले को एक फ्लाईओवर से गुज़ारना पड़ा और उस फीवर पर प्रदर्शन करियो ने मोदी के गाड़ी को रोक लिया और सड़क ब्लॉक कर दिया. १५-२० मिनट उन्हें उसी फ्लाईओवर पर फसे रहना पड़ा। उसके बाद पीएम मोदी वह से निकलकर भटिंडा पहुंचे और वहसे दिल्ली लौटे.

इसीलिए इस मामले को पीएम की सुरक्षा के चूक मानते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पंजाब सरकार से इस गुस्ताखी की रिपोर्ट मांगी। इस मामले को इतना गंभीर से इसलिए लिया जा रहा है क्योकि जहा यह घटना हुई वहा से ३० किलोमीटर पर ही पाकिस्तान की सिमा स्थित है।

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