प्रयागराज मे हुआ धर्म संसद विवादों मे – हिंदू राष्ट्र घोषित हो भारत और योद्धाओ को रिहा नहीं किया गया तो

‘संत सम्मलेन’ का आयोजन यूपी के प्रयागराज में किया गया था | इस सम्मलेन के दौरान यह संकल्प लिया गया था की भारत को ‘हिन्दू राष्ट्र’ बनाया जायेगा। इसके साथ साथ यह भी मांग लिया गया था की मुस्लिमो को अल्पसंख्यक दर्ज ख़त्म करेंगे। इस सम्मलेन में कई देशो से कई संतो ने हिस्सा लिया था | 29 जनवरी 2022 को आयोजित हुआ था | अब सोशल मीडिया पर इसी सम्मलेन का वीडियो वायरल हो रहा है। इस सम्मलेन में एक संत को यह कहते हुए सुना है की, ” चाहे देश का प्रधानमंत्री हो या उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हो, हिन्दू राष्ट्र को कोई रोक नहीं सकता। यह मेरी भविष्यवाणी है की आने वाले 2023 तक भारत हिन्दू राष्ट्र होगा।

मुस्लिमों का खत्म हो अल्पसंख्यक दर्जा, प्रयागराज धर्मसंसद में प्रस्ताव पारित

prayagraj dharm sansad

और इस पर राजनीती करनेवाला ही होगा अगला प्रधानमंत्री | इसके साथ साथ जय हिन्दू राष्ट्र और जय श्री राम के नारे लगाए गए। इस सम्मलेन को आनंद स्वरूप ने आयोजित किया गया था और उन्होंने कहा की, ” जेल में बंद जो हमारे 2 धर्म योद्धा है – उनको 1 सप्ताह के अंदर अगर रिहा नहीं किया गया तो यह आंदोलन बहुत उग्र होगा | उग्र ही नहीं , यह परिणाम बहुत भयानक होगा। और यह भी हो सकता है की जैसा भगत सिंह का असेंबली कांड हुआ वैसा ही न हो जाये। अभी हर गाऊँ में धर्मसंसद होगा |

इस सम्मलेन को आयोजन करने वाले आनंद स्वरुप ने यह कहा की, ” प्रशंसन ने हमे धर्म संसद का नाम नहीं बदलने को कहा। निचे लिखा था की धर्म संचालक समिति। उन्होंने ये भी कहा की इस देश को धर्माचार्य दिशा देते रहेंगे। और इस देश को भी वही चलाएंगे। कहा की धर्म संसद के नाम से नयी दिशा देने का काम कर रहे है। जिनके लिए खतरे की घंटी है वह निश्चित रूप से हमारी दुकान बंद हो न जाये ऐसे लोग धर्म संसद को फ़ैल करने के षड़यंत्र में भी शामिल होंगे।

हिंदू राष्ट्र घोषित हो भारत

अगर देखा जाये तो यह अबतक का सबसे बड़ा संत सम्मलेन माना गया है। सारे वरिष्ठ संत मंच पर मौजूद थे। यह आयोजन उनके ही नेतृत्व में किया गया है । प्रशाशन के लोग ही संतो को प्रताड़ित किया है। दूसरे संत ने जो इस सम्मलेन में शामिल हुए थे उन्होंने कहा, ” भारत का संविधान और भारत की शासन व्यवस्था इस देश की सनातन संस्कृति के अनुरूप होनी चाहिए | यहाँ हिन्दू के हितो का रक्षा इस देश की सनातन संस्कृति के अनुरूप होनी चाहिए। इस जगह पर सामान अधिकारी, सामान नागरिक, सामान कानून और सामान कर्तव्य ही होने चाहिए। इसी मुद्दे पर आज यहाँ कही सवाल उठाये गए है। इस सम्मलेन का यही उद्देश्य है की भारत को हिन्दू राष्ट्र बनाना और इस्लामी जिहाद का विरोध करना बताया गया।

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